“परमधाम का रहस्य
आज आठवां विषय है
परमधाम
डिस्टेंस नहीं
डिस्टेंस माना जिसके बीच में रास्ता हो
दूरी हो
जहां पहुंचना हो
डिस्टेंस नहीं है,
डायमेंशन है।
इसलिए जैसे बाबा कहते हैं तीखी रॉकेट है।
इस तीखे रॉकेट को विज्ञान ने कट कर दिया।
नो।
ये शिफ्ट है।
ये शिफ्ट क्या है? इसको आज हम ध्यान से समझेंगे।
परमधाम डिस्टेंस नहीं है,
दूरी नहीं है,
डायमेंशन है।
क्यों आत्मा को ट्रेवल करना पड़ता है?
आत्मा को यात्रा क्यों करनी पड़ती है?
आज आठवां एपिसोड हम कर रहे हैं। यह वीडियो
प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की मुरली शिक्षाओं
पर आधारित है। इसका उद्देश्य परमधाम और
आत्मा के संबंध को वैज्ञानिक और
आध्यात्मिक दृष्टिकोण से स्पष्ट करना है।
नॉट फार अवे
दूर नहीं है
नो डिस्टेंस
कोई भी हमारे बीच हमारे परमधाम में और
हमारे में कोई दूरी नहीं है जिसको हमने
पार करना है जस्ट डायमेंशन
और जो सबसे जो शब्द यहां यूज़ हो रहा है
बिगेस्ट शिफ्ट
इन सबको हम अच्छी तरह से समझेंगे
बिगेस्ट शिफ्ट क्या है?
क्या परमधाम बहुत दूर है?
जैसे बाबा भी मुरलियों में कहते हैं क्या
मैं बहुत दूर से आया हूं। सबसे दूर मैं
आया हूं।
तुम तो धरती से आए होंगे।
कितनी भी दूर से तुम यहां आए हो परंतु मैं
तुम सबसे भी दूर से आया हूं।
आज हम इस
भ्रम को भी दूर करेंगे।
क्या आत्मा को वहां पहुंचने के लिए ट्रेवल
करना पड़ता है?
परमात्मा को परमधाम से आने के लिए ट्रैवल
करना पड़ता है या फिर
कोई दूरी है ही नहीं। नोट करने पॉइंट कोई
दूरी है ही नहीं।
अगर दूरी नहीं है
तो हम अभी वहां क्यों नहीं है?
फिर हम अभी वहां क्यों नहीं पहुंच जाते
परमधाम में दूरी नहीं है तो
आज
आपकी सोच
पूरी तरह
बदलने वाली है।
तैयार होके बैठ जाओ अलर्ट हो के
क्योंकि साइंस
से समझना है और अच्छी तरह से समझना है।
परमधाम
डिस्टेंस नहीं डायमेंशन है।
रिकैप करेंगे।
अब तक हमने जो कर लिया है
उसे हम रिवाइज करेंगे।
हम आत्मा हैं।
यह हमने जान लिया है। हमारा घर
परमधाम है।
दूसरा हमने जान लिया है। आत्मा जीरो डी
नेचर की है।
जीरो डायमेंशन नेचर की है।
पहले हम यहां समझना होगा यह डायमेंशन क्या
होता है?
कोई बताएगा जिसको याद है वो बता सकता है।
कल हमने रात को किया था।
भाई जीरो डायमेंशन में ऊंचाई और चौड़ाई कुछ भी नहीं होती।
जिसकी लंबाई चौड़ाई ऊंचाई नहीं होती। ये
तीन डायमेंशन है।
लंबाई एक डायमेंशन है,
चौड़ाई दूसरी डायमेंशन है और ऊंचाई तीसरी डायमेंशन है।
क्योंकि आत्मा बिंदी है और बिंदी की
तीनों डायमेंशन नहीं होती।
इसलिए जीरो डायमेंशन कहा है उसको।
और एक डायमेंशन क्या होता है?
कौन बताएगा? एक का डायमेंशन होता है कि एक बिंदु से दूसरे
बिंदु तक जाती है। एक रेखा
जो एक लाइन है वो एक डायमेंशन है।
उसमें चौड़ाई या ऊंचाई नहीं है।
अब दूसरा है
टू डायमेंशन।
टू डायमेंशन क्या होता है?
किसी कागज के ऊपर चित्र निकाला गया या
फोटो किसी का फोटो निकाला गया हो
तो उसमें लंबाई और चौड़ाई है
तो वह टू डायमेंशन है।
और थ्री डायमेंशन
जैसे कि मूर्ति हो या
हमारा शरीर
जिसमें लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई तीनों हों
वह थ्री डायमेंशन है।
उसके बाद हमने किया था पिछले वीडियो में
फोर्थ डायमेंशन।
फोर्थ डायमेंशन में समय जुड़ जाता है।
जैसे घड़ी की सुई हर सेकंड अपनी स्थिति बदलती है।
यह फोर्थ डायमेंशन है।
जहां समय जुड़ता है वहां 4D हो जाता है।
इसको हायर डायमेंशन कहते हैं।
तीन से अधिक डायमेंशन को हायर डायमेंशन कहते हैं।
पूरा जो यूनिवर्स है वो 3D है।
बाबा ने कहा तुम आत्माएं शरीर छोड़ते हो
तो इन पांच तत्वों के बीच में रहते हो।
परंतु मैं इन पांच तत्वों से भी पार रहता हूं।
अब बड़ा सवाल है क्या परमधाम बहुत दूर है?
हम सोचते हैं कि परमधाम ऊपर है, बहुत दूर है।
लेकिन यह सोच गलत है।
अब समझना है डिस्टेंस वर्सेस डायमेंशन।
डिस्टेंस क्या है?
एक जगह से दूसरी जगह तक की दूरी।
लेकिन डायमेंशन क्या है?
अस्तित्व का स्तर बदलना।
लेवल चेंज।
जैसे आत्मा एक शरीर से दूसरे में जाती है।
यह यात्रा नहीं है।
यह लेवल शिफ्ट है।
साइंस कहती है यह एग्जिस्टेंस का लेवल चेंज है।
जैसे हम संकल्प में कहीं भी पहुंच जाते हैं।
टीवी उदाहरण:
टीवी के अंदर कैरेक्टर और बाहर देखने वाला।
दोनों अलग डायमेंशन में हैं।
इसी तरह परमधाम एक अलग डायमेंशन है।
हम उसे आंखों से नहीं देख सकते।
क्योंकि हम 3D में हैं और वह हायर डायमेंशन है।
रेडियो फ्रीक्वेंसी उदाहरण:
सिग्नल हमारे आसपास हैं लेकिन हम उन्हें देख नहीं सकते।
सिर्फ सही फ्रीक्वेंसी पर अनुभव होता है।
इसी तरह परमधाम हायर फ्रीक्वेंसी है।
ध्यान से अनुभव होता है।
सपना उदाहरण:
हम बिस्तर पर होते हैं लेकिन सपने में कहीं और।
कोई यात्रा नहीं हुई।
सिर्फ अवस्था बदली।
निष्कर्ष:
परमधाम डिस्टेंस नहीं है।
डायमेंशन है।
रॉकेट की जरूरत नहीं।
सिर्फ अवेयरनेस शिफ्ट चाहिए।
बॉडी कॉन्शियस से सोल कॉन्शियस।
यही मेडिटेशन है।
परमधाम अभी भी सुलभ है।
बस पहचान बदलनी है।
बॉडी कॉन्शियस से सोल कॉन्शियस।
