यहाँ आपका टेक्स्ट टाइमलाइन नंबर हटाकर साफ़ रूप में दिया गया है:

वन

का असली अर्थ क्या है?

नई सृष्टि के पहले दिन का गुप्त रहस्य

यहां पर हम वन वन वन
तीन बातों पर

प्रकृति
वन

आत्मा वन
और

पृथ्वी भी वन

हर चीज नंबर वन होगी।
पुरानी सृष्टि का अंत विनाश का समय

पुरानी सृष्टि का अंत
विनाश का समय

आत्मा का जागरण अर्थात नए जीवन का आरंभ वह
भी नंबर वन।

पृथ्वी की जो अपनी अवस्था है वह भी टॉप पर
नंबर वन।

यह केवल कहानी नहीं
यह सृष्टि का विज्ञान है।

इस रहस्य को जानिए।
क्या हुआ था?

वो पहला दिन
कौन थे प्रथम आत्माएं?

कैसे हुई थी नई सृष्टि की शुरुआत?
क्या था वह दिव्य संकल्प?

आज के समय में इसका क्या महत्व है? इन सब
बातों को हम समझेंगे।

जानिए सच जो अब तक छिपा हुआ है। जो अब तक
क्या है? छिपा हुआ है। जब यह रहस्य समझ

आएगा तो जीवन बदल जाएगा।

वन वन का असली अर्थ क्या है? नई सृष्टि के
पहले दिन का गुप्त रहस्य डिस्क्लेमर है।

यह स्पीच ब्रह्मा कुमारीज़ की मुरलियों
के आधार पर आध्यात्मिक ज्ञान को सरल,

सहज और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत
करने का प्रयास है। इसमें दिए गए उदाहरण

केवल समझ को आसान बनाने के लिए हैं। कुछ
बिंदुओं में व्याख्या

इंटरप्रिटेशन
भी सम्मिलित है। श्रोता स्वयं मुरलियों का

अध्ययन करें और अपने विवेक से सत्य को
ग्रहण करें।

आज हम एक बहुत छोटा शब्द सुनेंगे। लेकिन
उसके अंदर छिपा हुआ अर्थ

पूरे सृष्टि चक्र का राज खोल देता है। वह
है वन वन

वन

यह शब्द सुनने में बहुत सरल है। लेकिन
क्या आपने कभी सोचा?

कभी सोचा?
इसका असली अर्थ क्या है?

यह कब बोला जाता है? वन वन वन
कब बोला जाता है?

और इसका संबंध किससे है?

श्री कृष्ण से,
नई सृष्टि से

और हमारे पुरुषार्थ से
किससे संबंध है? वन वन वन। आज हम इस छोटे

से शब्द के अंदर छिपे हुए सबसे बड़े
आध्यात्मिक रहस्य को खोलेंगे।

वन शब्द का सामान्य अर्थ क्या है?
सबसे पहले हम साधारण अर्थ समझते हैं। वन

का अर्थ क्या है? नंबर वन।

नंबर वन
सबसे श्रेष्ठ

सबसे आगे

जैसे हम कहते हैं नंबर वन स्टूडेंट, नंबर
वन खिलाड़ी

हर चीज में आगे नंबर वन है वह।

लेकिन मुरली में वन वन का अर्थ इससे भी
गहरा है।

यह हमारी दुनिया का वन वन था कि नंबर वन
कौन है?

आत्मा
और नंबर का सिद्धांत।

नंबर वाइज सब आते हैं।
यह हमारा सिद्धांत है कि आत्माएं परमधाम

से कैसे आएंगी? नंबर वाइज।
जब आत्माएं नंबर वाइज आएंगी तो सतयुग में

पहले कौन सी आत्मा आएगी?

कोई भी आ सकती है?
नहीं भाई जी। 100% पवित्र आत्मा। नंबर वन

आत्मा आएगी।

जो 100% पवित्र होगी। 16 आने सच्ची होगी।
जिसे कहते हैं 16 कला संपूर्ण।

सभी आत्माएं समान नहीं हैं। हर आत्मा का
नंबर है।

हर आत्मा का नंबर है। वही उसकी यूनिक आईडी
है।

ये नंबर किस आधार पर है?

यह नंबर किस आधार पर है?

जो पहले आ गया, उसका पहला नंबर दे दिया।
दूसरा आ गया दूसरा नंबर दे दिया। कैसे?

कब लगते हैं ये नंबर?

कैसे लगते हैं यह नंबर?

योग्यता के आधार पर, पुरुषार्थ के आधार पर
हर आत्मा अपने नंबर को सेलेक्ट करती है।

मुरली: किस आधार पर नंबर मिलते हैं? सारा
मदार पढ़ाई पर है। 12 दिसंबर 2022

सारा मदार पढ़ाई पर। कौन कितना अटेंशन देता है
पढ़ाई पढ़ने में? मुरली को समझने में। कौन

कितना अटेंशन देता है अपने परिवार के
प्रति।

यह भी स्वाभाविक रूप से जरूरी है।

जो जितना अच्छा पुरुषार्थ करता है उसका
नंबर उतना ऊंचा होता है।

वन वन वन कहां बोला जाता है?

यह शब्द कब आता है? जब नई सृष्टि की
शुरुआत होती है।

नई सृष्टि का आरंभ
वन वन वन से होता है।

जब पहला राज्य स्थापित होता है।

तब पहला राजा,
पहली रानी

और पहला राज्य

सब नंबर वन होते हैं।
सब नंबर वन होते हैं।

श्री कृष्ण और वन
श्री कृष्ण और वन क्या है संबंध?

मुरली: श्री कृष्ण स्वर्ग का पहला बच्चा
है। नंबर वन।

सतयुग में श्री कृष्ण का जन्म होता है।
उसे वैकुंठ कहा जाता है।

श्री कृष्ण स्वर्ग का पहला बच्चा है।
कृष्ण पहला जन्म।

सबसे पवित्र।

इसलिए वो नंबर वन आत्मा है।

और उसी से शुरू होता है वन
वन

वन

वन वन वन

क्या इसका मतलब अकेलापन है?
अकेला कृष्ण ही आएगा?

वहां अकेला रहता था?

क्या लोग सोचते हैं
वन मतलब अकेला।

लेकिन ऐसा नहीं। वन का अर्थ श्रेष्ठता,
शुद्धता,

सर्वोच्च स्थान के लिए वन का प्रयोग किया
जाता है।

भाई जी वन वन वन में 9,61,08
आत्माएं आएंगी ना?

वन = श्रेष्ठता, शुद्धता, सर्वोच्च स्थान, नंबर
एक। बस वन एक होता है, दो नहीं होते।

नई सृष्टि में और भी आत्माएं होती हैं।

9 लाख कहा, कुछ भी कहा, परंतु
वह आई हैं उस समय पर जब समय नंबर वन है।

परंतु आत्माएं तो नंबर वाइज होती हैं।
सभी नंबर वन नहीं होतीं। वह समय नंबर वन

है।

परंतु आत्माएं नंबर वाइज हैं। तभी तो कोई

राजा, कोई प्रजा, कोई साकार, कोई नौकर,
कोई नौकरों के भी नौकर।

तो बाकी सब आत्माएं नंबर वन? नहीं।
कोई आत्मा भी नंबर वन है तो एक श्री कृष्ण की आत्मा।

जगदंबा या राधा भी आएगी तो नंबर टू।

लेकिन नंबर वन एक ही होता है।

सभी आत्माओं में नंबर वन एक ही होता है।

नंबर छह: वन वन का गहरा आध्यात्मिक अर्थ।
अब हम इसका असली अर्थ समझते हैं।

वन वन वन

पहला राजा

पहला राज्य

पहला राजा, पहला राज्य, पहली पवित्र सृष्टि।
संसार भी बिल्कुल पवित्र।

यह संकेत है पूर्णता का।

यह संकेत है पूर्णता का।

पूर्णता का, शुद्धता का और शुरुआत का।
यह कोई आवाज नहीं।

यह एक अवस्था है।

उदाहरण से समझें। मान लीजिए एक नया स्कूल
खुलता है।

पहला दिन,
पहला छात्र,

पहला टीचर,
पहला क्लास।

पहला दिन, पहला छात्र, पहला टीचर, पहला
क्लास।

सब पहले होते हैं। उसी तरह नई सृष्टि का
पहला दिन

वन
वन

वन

नई सृष्टि का पहला दिन वन वन वन।

क्या ये अचानक होता है?

क्या यह अचानक होता है?

सोचने वाली बात है।

हमेशा हर सेकंड
जैसे ही ड्रामा में परिवर्तन होता है

और वह परिवर्तन निश्चित है।
एक्यूरेट टाइम पर होता है।

ये बात बहुत अच्छी तरह से समझनी है।

रैंडम नहीं होता कुछ भी।

एक्यूरेट होता है।

मुरली 3 मार्च 2020: हम बैगर टू प्रिंस बन
रहे हैं। संगम पर हम बैगर टू प्रिंस बन

रहे हैं।

जब यहां हम 100% बनते हैं

तब 100% वाला प्लेस नंबर वन स्थान प्राप्त
करते हैं।

इसका मतलब यह अभी बन रहा है संगम युग पर।
जो आत्मा अभी सबसे अच्छे पुरुषार्थ करेगी

वही नंबर वन बनेगी।

सतयुग की आदि रचना

वो जन्म देने के निमित्त बनेगी।

हमारा इससे क्या संबंध है?

यह सिर्फ कृष्ण की कहानी नहीं।

यह हमारा भविष्य है।

हम सब पढ़ रहे हैं,
बदल रहे हैं, तैयार हो रहे हैं।

वन वन वन के लिए अचानक नहीं होगा।
एट रेंडम नहीं होगा।

ताकि नंबर वन बन सके।

अंतिम निष्कर्ष

अब पूरा उत्तर एक लाइन में:

वन वन वन का अर्थ है नई सृष्टि की नंबर वन
शुरुआत,

जहां सब कुछ
सबसे श्रेष्ठ अवस्था में होता है।

प्रकृति
100% प्योर।

यह संकेत है पूर्णता का,
सर्वोच्चता का,

दिव्यता का।

सब नंबर पर।

एंडिंग मैसेज

यह ज्ञान सुनने के लिए नहीं है।

ज्ञान सुनने के लिए नहीं है। बनने के लिए
है।

और सारा मदार किस पर है? पढ़ाई पर।

आज का पुरुषार्थ
कल का नंबर तय करता है

कि कौन किस नंबर पर आएगा।

आज जो नंबर वन बनेगा वही कल वन वन वन का

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