AV-04/26-01-1995 – “Two More Steps of Brahma Bap – Obedient and Faithful”
AV-04/26-01-1995-“ब्रह्मा बाप के और दो कदम – फ़रमानबरदार-व़फादार” “ब्रह्मा बाप के और दो कदम – फ़रमानबरदार-व़फादार” आज बापदादा चारों ओर…
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AV-04/26-01-1995-“ब्रह्मा बाप के और दो कदम – फ़रमानबरदार-व़फादार” “ब्रह्मा बाप के और दो कदम – फ़रमानबरदार-व़फादार” आज बापदादा चारों ओर…
AV-07/16-03-1995- “सर्व प्राप्ति सम्पन्न आत्मा की निशानी – सन्तुष्टता और प्रसन्नता” “सर्व प्राप्ति सम्पन्न आत्मा की निशानी – सन्तुष्टता और…
AV-12/14–12-1994-“समय, संकल्प, बोल द्वारा कमाई जमा करने का आधार – तीन बिन्दी लगाना” “समय, संकल्प, बोल द्वारा कमाई जमा करने…
AV-11/05–12-1994-वर्तमान समय की आवश्यकता – बेहद के वैराग्य वृत्ति का वायुमण्डल बनाना | “वर्तमान समय की आवश्यकता – बेहद के…
Questions & Answers (प्रश्नोत्तर):are given below 09-07-2026 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा”‘ मधुबन “मीठे बच्चे – वृक्षपति बाप ने तुम…
AV-03/25-01-1994-“ब्राह्मणों की नेचर विशेषता की नेचर है – इसे नेचुरल स्मृति स्वरूप बनाओ” (प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं)…
AV-02/18-01-1994-“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान – स्नेह की शक्ति” “ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान – स्नेह की शक्ति” आज चारों…
AV-01/10-01-1993-“एक ‘पॉइन्ट’ शब्द को तीन रूपों से स्मृति वा स्वरूप में लाना -यही सेफ्टी का साधन है” “एक ‘पॉइन्ट’ शब्द…
AV-04/17-03-1991-“सन्तुष्टमणि के श्रेष्ठ आसन पर आसीन होने के लिए प्रसन्नचित्त, निश्चिंत आत्मा बनो” “सन्तुष्टमणि के श्रेष्ठ आसन पर आसीन होने…