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“विश्व कल्याणकारी बनने के लिए सर्व स्मृतियों से सम्पन्न बन सर्व को सहयोग दो” आज समर्थ बाप अपने स्मृति स्वरूप…

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जन्मऔर मृत्युएक साथ होते हैं। क्या जन्म और मृत्यु एक साथ होते हैं? मृत्यु और जन्म। हर सेकंडजीवन का रहस्य…

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(01) -Merely knowing one’s self-respect is not enough; why is it essential to *become* the embodiment of self-respect?

RAJYOG(01)-स्वमान को जानना पर्याप्त नहीं है स्वमान स्वरूप बनना क्यों आवश्यक है। यहाँ आपका टेक्स्ट बिना टाइमलाइन नंबरों के साफ़…