अव्यक्त मुरली 1994 वीडियो पाठ प्रश्न और उत्तर के साथ”

Avyakt Murli 1994

अव्यक्त मुरली 1994 वीडियो पाठ प्रश्न और उत्तर के साथ"
101/10-01-1994-“एक ‘पॉइन्ट’ शब्द को तीन रूपों से स्मृति वा स्वरूप में लाना -यही सेफ्टी का साधन है”
202/18-01-1994-“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”
303/25-01-1994-"ब्राह्मणों की नेचर विशेषता की नेचर है - इसे नेचुरल स्मृति स्वरूप बनाओ"
404/01-02-1994-“त्रिकालदर्शी स्थिति के श्रेष्ठ आसन द्वारा सदा विजयी बनो और दूसरों को शक्ति का सहयोग दो”
505/18-02-1994-“स्वमान की स्मृति का स्विच ऑन करने से देह भान के अंधकार की समाप्ति”
606/09-03-1994-“न्यारा-प्यारा, वन्डरफुल, स्नेह और सुखभरा अवतरण - शिव जयन्ती”
707/03-04-1994-"सन्तुष्टता का आधार - सम्बन्ध, सम्पत्ति और सेहत (तन्दुरुस्ती)"
808/14--04-1994-"स्नेह का रिटर्न है - स्वयं को टर्न (परिवर्तन) करना”
0909/17-11-1994-“परमात्म पालना और परिवर्तन शक्ति का प्रत्यक्ष स्वरूप - सहजयोगी जीवन”
10AV-10/26--11-1994-“परमात्म पालना और परिवर्तन शक्ति का प्रत्यक्ष स्वरूप - सहजयोगी जीवन”
1111/05--12-1994-वर्तमान समय की आवश्यकता – बेहद के वैराग्य वृत्ति का वायुमण्डल बनाना |
1212/14--12-1994-वर्तमान समय की आवश्यकता – बेहद के वैराग्य वृत्ति का वायुमण्डल बनाना |
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