HomeUncategorizedJain Darshanaur Brahmaakumaareez Gyaan Jain Darshanaur Brahmaakumaareez Gyaan September 29, 2025September 29, 2025omshantibk07@gmail.com Jain Darshanaur Brahmaakumaareez Gyaan जैन दर्शनऔर ब्रह्माकुमारीज़ ज्ञान 1-i"जैन दर्शन और ब्रह्मा कुमारी ज्ञान:आत्मा और शरीर का गहरा रहस्य" (1-2)क्या इंसान सिर्फ शरीर है या अमर आत्मा? 1-4 आत्मा के पांच मूल गुण 1-5 क्या आत्मा मर सकती है? 2-3 जैन धर्म में सिद्ध आत्मा और बी के ज्ञान में परम आत्मा — क्या यही एक हैं? 2-4:क्या परमात्मा केवल शुद्ध आत्मा है,या वे सब आत्माओं का पिता है? 3-1 क्या हर आत्मा अपने कर्मों की जिम्मेदार है? 3-2 शुभ और अशुभ कर्म कैसे आत्मा से जुड़ते हैं? 3-3 क्या कर्मों के बंधन को केवल तपस्या से मिटाया जा सकता है। 3-4 राजयोग और सच्चा सिमरन कैसे आत्मा को पाप कर्मों से मुक्त करता है। 4-1 क्या यह संसार सदा से है या 5000 वर्ष का चक्र है? 4-2 आत्माओं के जन्मों का न्यायपूर्ण हिसाब न्यायपूर्ण हिसाब का क्या मतलब है? 4-3 सतयुग से कलयुग तक आत्मा की यात्रा 4-4 मोक्ष का सच क्या है? जैन दर्शन और बी के ज्ञान 5-1 तपस्या बनाम राजयोग 5-2क्या केवल उपवास और संयम से आत्मा मुक्त हो सकती है? 5-3 ईश्वर स्मृति राज योग से आत्मा को कौन सी शक्तियां मिलती है? 5-4 सच्ची अहिंसा क्या है?केवल शरीर से या विचारों से भी? 6-1 आत्मा का अंतिम लक्ष्य क्या है? 6-2 क्या शांति केवल परमधाम में है या नहीं? 6-3 परमात्मा क्या केवल दर्शक है? 6-4 जीवन में रहते हुए मुक्ति कैसे संभव है? 7-1 सामयिक प्रार्थना और राजयोग क्या एक लक्ष्य है? 7-2 आत्मा की शुद्धता कैसे पहचाने? 7-3 राजयोग से संस्कार परिवर्तन की प्रक्रिया 7-4 सच्चा धर्म क्या है?
“True Vaishnav means always a customer of virtues” अव्यक्त मुरली-(21) “सच्चे वैष्णव अर्थात् सदा गुण ग्राहक” ( प्रश्न और उत्तर नीचे दिए गए हैं) “गुणों की माला में…