Introduction to the Soul

Introduction to the Soul

आत्मा का परिचयआत्मा का परिचय
1(01)आत्मा का परिचयआत्मभाव v/s देहभाव:- स्वभाव बनाओ बाप समान ?
2(02)आत्मा के गुणब्राह्मण:1.कुख वंशावली,ब्रह्मामुख वंशावली,ब्रह्मासंकल्प वंशावली
3(03)आत्मा शरीर में कहां रहती है?आत्मा का कर्म और नई यात्रा
4(04)आत्मा की संरचना क्या है?जब व्यक्ति कोमा में होता है, तो आत्मा क्या करती है?
5(05)आत्मा चेतन और प्रकृति जड़ क्यों?आत्मा और शरीर का रहस्य
6(06)आत्मा, सूक्ष्म शरीर और स्थूल शरीर में अंतरभटकने वाली आत्मा और उसका दुख-सुख अनुभव
7(07)क्या आत्मा पुनर्जन्म लेती है?विनाश के समय: सभी अपवित्र आत्माएं कैसे पवित्र होकर घर जाएंगी
8(08)आत्मा की रिकॉर्डिंग क्षमताजीव और निर्जीव का अंतर
9(09)आत्मा की नई यात्रा आत्मा कहां जाती है मृत्यु के बाद?आत्मा कितने दिन अपने पुराने मित्र-संबंधियो को याद करती है?
10(10)आत्मा कहां से आती है?जन्म से पहले और जन्म के बाद की सोच
11कैसे होता है आत्मा का जन्म और 84वें जन्म का महत्व?
12मेरा कितनी आत्माओं से कितना पार्ट है, कैसे पता चलेगा?
13यदि आत्मा को मृत्यु का समय पता चल जाए
14(14)आत्मा कब और कैसे शरीर में प्रवेश करती है?आत्मा, स्वर्ग, नर्क और पुनर्जन्म का रहस्य
15(15)"आत्मा कब आती है शरीर में?जन्म से पहले आत्मा क्या सोचती है?बच्चा गोरा और बुद्धिमान कैसे बने?
16सहन शक्ति और सहनशीलता: आत्मा की शक्ति और गुण का अंतर
17(17)आत्मा मृत्यु के बाद कब तक पुराने संबंधों को याद करती है।संसार में दुख क्यों है?
18(18)आत्मा की स्वर्णिम यात्रा 84 जन्म और डायमंड जन्म का रहस्यहम आत्मा हैं, देह नहीं
19जीते जी मरना: जीवन का वास्तविक रूपांतरण
20जीवन का खेल: पुरुषार्थ, भाग्य, और ड्रामा का समझौता
21"प्रेत बाधा और पितृ दोष: सच्चाई और समाधान"
22पिंड दान: परंपरा, अर्थ और सच्चाई 
23(23)आत्मा अजर–अमर, शरीर से परे — मेरी असली पहचान।शादी और ब्रह्माकुमार: समझ और दृष्टिकोण
24श्रीमत श्रेष्ठ बनने की कुंजी ?
25रूहानी व्रत बनाम जिस्मानी व्रत(01) एक दिन का व्रत बनाम जीवनभर का व्रत
26हीरा जन्मअनमाेल क्यों,कब,कैसे है
27(27)दुनिया कहती है सहन करो। पर परमात्मा कहते हैं सामना करो।प्रश्नः-जनन अंगों का उद्देश्य सदुपयाेग बनाम दुरूपयाेगग
28(28)दुनिया कहती है दुख भाग्य है।पर परमात्मा कहते हैं — दुख का कारण तुम स्वयं हो।पांच तत्वों से शरीर कैसे बनता है?
29पुरुषार्थ और आत्मा का चक्र
30संसार में दुख क्यों है?
31(31)जीवन का खेल:पुरुषार्थ भाग्य और ड्रामा का रहस्य
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33(33)आत्मा अमर है शरीर नहीं
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