Avyakt Murli 1969

Avyakt Murli 1969

अव्यक्त मुरली 1969 वीडियो पाठ प्रश्न और उत्तर के साथ"
101/18-01-1969-‘पिताश्री जी के अव्यक्त होने के बाद – अव्यक्त वतन से प्राप्त दिव्य सन्देश | गुल्जार बहन द्वारा
202/“अमृतवेले - प्राप्त दिव्य सन्देश :- अटल और अखण्ड - यह सौगात बुद्धि रूपी तिजोरी में सम्भालकर रखना”
3(03)16-02-1996/डायमण्ड जुबली में सच्चा डायमण्ड बनो | समय और संकल्प के खजाने को जमा करो
4(04) 23-01-1969 “अस्थियां हैं स्थिति की स्मृति दिलाने वाली”
5(05) 25-01-1969– “The elevated stage of surrender—remembrance with every breath.”
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7(07) 06-02-1969 “महिमा सुनना छोड़ो - महान् बनो”|
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09(09)26-06-1969/“शिक्षा देने का स्वरूप - अपने स्वरूप से शिक्षा देना”
10(10) 10-03-1969 “अपने पुराने संस्कारों पर विन करने वाले ही नम्बरवन बन सकेंगे”
11(11) 13-03-1969 “प्रेम और शक्ति के गुणों की समानता”
12(12)20-03-1969/“सात बातें छोड़ो और सात बातें धारण करो”
13(13) 17-04-1969 ““पुरुषार्थ के स्नेही ही सबके स्नेही बनते हैं”
14(14) 17-04-1969 /1“ब्राह्मणों का मुख्य संस्कार - सर्वस्व त्यागी”
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16(16) 08-05-1969 /“मंसा, वाचा, कर्मणा को ठीक करने की युक्ति”
17(17) 17-05-1969 /जादू मंत्र का दर्पण |
18(18)18-05-1969/““रूहानी ज्ञान-योग के ज्योतिषी”
19(19)26-05-1969/“सम्पूर्ण स्नेही की परख”
20AW.(20) 09-06-1969 /“सुस्ती का मीठा रूप - आलस्य”
21(21)16-06-1969 / हिंदी · “बड़े-से-बड़ा त्याग - अवगुणों का त्याग” “बड़े-से-बड़ा त्याग - अवगुणों का त्याग”
22(22)19-07-1969/“मरजीवा वह है जो पुराने शूद्रपन के संस्कारों को टच भी न करे”
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24(24)06-07-1969/“सच्ची जेवर बनने के लिए अपनी सब खामियों को निकाल स्वच्छ बनो”
25(25)16-07-1969/“किसी भी कार्य में सफल होने का साधन - साहस को नहीं छोड़ना और आपसी स्नेह कायम रखना”
26(26)17-07-1969/“अव्यक्ति स्थिति बनाने की युक्तियां”
27(27)19-07-1969/“ज़ीरो और हीरो बनो”
28(28)22-07-1969/“संस्कारों में निराधार रहते, नियमों में परिपक्व बनो”
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30(30)24-07-1969/बिन्दु रूप की प्रैक्टिस
(33)18-09-1969/त्रिनेत्री, त्रिकालदर्शी और त्रिलोकीनाथ बनने की युक्तियां
(34)28-09-1969/“पूरे कोर्स का सार - कथनी करनी एक करो”
35(35)03-10-1969/“सम्पूर्ण समर्पण की निशानियां”
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37AW.(37)20-10-1969/“बिन्दु और सिन्धु की स्मृति से सम्पूर्णता”
38(38)25-10-1969/माला का मणका बनने के लिए विजयी
39(39)09-11-1969/“भविष्य को जानने की युक्तियां”
40(40)13-10-1969/“बापदादा की उम्मीदें - क्वान्टिटी के बजाए क्वालिटी वाले बनो और बनाओ”
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42(42)28-11-1969/“लौकिक को अलौकिक में परिवर्तन करने की युक्तियां”
43(43)17-11-1969/फर्श से अर्श पर जाने की युक्तियाँ
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